मोरिंगा क्यों
मोरिंगा
Moringa oleifera
मोरिंगा — भारतीय रसोई का सहजन — अपनी पत्तियों और फलियों के लिए उगाया जाता है। इसकी पत्तियाँ लंबे समय से ताज़ी, पकाकर या सुखाकर खाई जाती रही हैं, और सूखी पत्ती का पाउडर इन्हें पूरे साल थाली तक पहुँचाता है।
पत्ती में क्या होता है
- विटामिन A और Cताज़ी मोरिंगा पत्तियों में विटामिन A (कैरोटीनॉयड के रूप में) और विटामिन C होता है।
- खनिजपत्तियों में आयरन, कैल्शियम और पोटैशियम जैसे खनिज होते हैं।
- वनस्पति प्रोटीनपत्तियों में वनस्पति प्रोटीन होता है, जो कई तरह के अमीनो एसिड से बना है।
- वनस्पति एंटीऑक्सीडेंटपत्तियों में पॉलीफ़ेनॉल और क्वेरसेटिन व केम्पफ़ेरॉल जैसे फ़्लेवोनॉयड होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं।
इसका इस्तेमाल कैसे होता है
- रोज़ के खाने में हरी पत्तियाँ जोड़ने का आसान तरीका — दाल, सब्ज़ी, सूप और चटनी में मिलाएँ, या रोटी-पराठे के आटे में गूँथें।
- स्मूदी, पानी या दही में मिलाएँ, जैसा हमारे पैक पर सुझाया गया है।
- सूखा पाउडर लंबे समय तक ठीक रहता है: न धोना, न काटना, न मुरझाना — और पत्तियाँ हर मौसम में मौजूद।
- हल्का, मिट्टी जैसा, पालक जैसा स्वाद और प्राकृतिक हरा रंग।

