
मोरिंगा पत्ती अडाई (दाल के चीले)
दक्षिण भारत का एक पसंदीदा व्यंजन: भिगोए हुए चावल और दालों से बने कुरकुरे, नमकीन चीले, जिनके घोल में ताज़ी मोरिंगा पत्तियाँ मिलाई जाती हैं।
HM Agrione संपादकीय · · 1 मिनट पढ़ें
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अडाई एक मोटा, नमकीन चीला है, जो चावल और मिली-जुली दालों के दरदरे घोल से बनता है। मोरिंगा की पत्तियाँ इसमें रंग और हल्का, मिट्टी जैसा स्वाद जोड़ती हैं। इस रेसिपी से लगभग 8 अडाई बनती हैं।
सामग्री
- 1 कप कच्चे चावल
- ¼ कप अरहर (तूर) दाल
- ¼ कप चना दाल
- 2 बड़े चम्मच उड़द दाल
- 3–4 सूखी लाल मिर्च
- अदरक का एक छोटा टुकड़ा
- 1 छोटा प्याज़, बारीक कटा हुआ
- 1 कप ताज़ी मोरिंगा पत्तियाँ, धोकर डंठल से अलग की हुई (या 2–3 छोटे चम्मच मोरिंगा पत्ती पाउडर)
- कुछ करी पत्ते
- स्वादानुसार नमक
- पकाने के लिए तेल
विधि
- चावल और दालों को साथ में धोकर 3–4 घंटे पानी में भिगो दें।
- पानी निकाल दें, फिर लाल मिर्च, अदरक और थोड़े पानी के साथ पीसकर गाढ़ा, थोड़ा दरदरा घोल बना लें।
- इसमें प्याज़, करी पत्ते, नमक और मोरिंगा पत्तियाँ या पाउडर मिलाएँ।
- तवा गरम करके हल्का चिकना करें। एक करछी घोल डालकर उसे मोटे, गोल आकार में फैलाएँ।
- बीच में एक छोटा छेद करें और किनारों पर व बीच में थोड़ा तेल डालें।
- मध्यम आँच पर नीचे से सुनहरा होने तक पकाएँ, फिर पलटकर दूसरी तरफ़ भी पकाएँ।
- नारियल की चटनी, गुड़ या अवियल के साथ गरमागरम परोसें।
सुझाव
- घोल में ख़मीर उठाने की ज़रूरत नहीं होती — पीसते ही अडाई बनाई जा सकती है।
- अगर ताज़ी पत्तियों की जगह पाउडर इस्तेमाल कर रहे हैं, तो थोड़ी मात्रा से शुरू करें और स्वाद के हिसाब से घटाएँ-बढ़ाएँ।
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